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येलो आर्मी छात्र संगठन : सात दिन में जल्द से जल्द अपना ध्यान समस्याओं की ओर केंद्रित करेंं ,अन्यथा आंदोलन के लिए बाध्य ।।।

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  अल्मोड़ा : आज येलो आर्मी  छात्र संगठन ने   बताया की  विगत वर्षो  के भांति  परिसर की  समस्याएं को  लापरवाही  से टाल दिया जाता है, इस बार समस्या कम नहीं हुई तो हम पूरे येलो आर्मी संगठन और  छात्र _ छात्रा   आंदोलन के लिए  बाध्य होना पड़ेगा ।   सात   दिन  में जल्द से जल्द  अपना ध्यान  समस्याओं की ओर केंद्रित करें,  और कहा की छात्रसंघ की चुनाव की तारिक जल्द से  जल्द  स्पष्ट करें ।     ज्ञापन देने में साथ थे , आदित्य राणा,दीप चंद्र आर्या,निखिल पीलीखवाल,चंद्र प्रकाश,करन भट्ट, ललित,अखिलेश  आदि।।

अल्मोड़ा एसएसजे विश्वविद्यालय ने समस्त परिसरों में चुनाव कराने के संबंध में महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रशासन से आख्या मांगी गई हैं।

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  अल्मोड़ा : विश्वविद्यालयों में चुनाव कराने को लेकर लंबे समय से छात्र संघ के धरना प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए अल्मोड़ा एसएसजे विश्वविद्यालय ने समस्त परिसरों में चुनाव कराने के संबंध में महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रशासन से आख्या मांगी गई हैं। इसके लिए एसएसजे विश्वविद्यालय कुलसचिव द्वारा सभी महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रशासन/ नोडल अधिकारी /परिसर प्राचार्यों को पत्र प्रेषित कर चुनाव के संदर्भ में छात्र संघ से संबंधित अधिकारियों की तात्कालिक रुप से बैठक कर आख्या दिये जाने को कहा गया है जिसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर छात्र संघ चुनाव संचालन समिति की बैठक आहूत की जाएगी।

पाकिस्तान के फाइटर एयरक्राफ्ट एफ-16 को मार गिराने वाले विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को आज वीर चक्र से सम्मानित किया जाएगा

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार को एक समारोह में देश के वीर जवानों का सम्मान कर रहे हैं। इस दौरान बालाकोट एयर स्ट्राइक के हीरो अभिनंदन वर्धमान को वीर चक्र से सम्मानित किया जाएगा। अभिनंदन ने फरवरी, 2019 में पाकिस्तानी F-16 लड़ाकू विमान को हवाई युद्ध में मार गिराया था। पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी कैंपों पर भारत ने एयर स्ट्राइक की थी। इसमें कई आतंकी मारे गए और उनके ठिकाने तबाह हो गए। इसके बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की थी, जिसका भारत ने करारा जवाब दिया था।  

राजस्थान में 15 नए मंत्री लेंगे शपथ, 11 कैबिनेट और 4 राज्य मंत्री

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  नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट में चल रही तनातनी के बीच कांग्रेस आलाकमान ने मंत्रिमंडल के पुनर्गठन को मंजूरी देते हुए फार्मूला भी तय कर दिया है। इसके बाद शनिवार को सभी मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिए। अब राजस्थान में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर पुनर्गठन किया जाएगा। रविवार शाम चार बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा । राज्यपाल कलराज मिश्र 15 मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे । इनमें 11 कैबिनेट और 4 राज्यमंत्री होंगे। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सीएम गहलोत ने शनिवार को ही राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की । शनिवार शाम को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में गोविंद सिंह डोटासरा ने मंत्रियों के इस्तीफे दिए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। अब जिन्हें मंत्रिमंडल में रखा जाना है, उनके इस्तीफे अस्वीकार कर दिए जाएंगे और जिन्हें बाहर किया जाना है, उनके स्वीकार। गौरतलब है कि एक दिन पहले शुक्रवार को ही कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षामंत्री गोविंद सिंह ड...

जलवायु

  भारत में उष्णकटिबंधीय विभोक्ष जलवायु परिवर्तन में बड़ी भूमिका निभाते हैं। यह बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर में उत्पन्न होते हैं और भारतीय उपमहाद्वीप के कई महत्वपूर्ण भागों को प्रभावित करते हैं। इनमे से ज्यादातर चक्रवात बंगाल की खाड़ी में पैदा होते हैं और दक्षिणी पश्चिमी मानसून के जलवायु को प्रभावित करते हैं।  अगर जलवायु अनुकूल है तो वह देश विकास की सीढि़यां चढ़ता जाता है। भारत की जलवायु विविधतापूर्ण है। यहां एक स्थान से दूसरे स्थान में तथा एक ऋतु से दूसरी ऋतु में तापमान व वर्षा की मात्रा में काफी अंतर है। अत्यधिक प्रादेशिक भिन्नता भारत की जलवायु की विशेषता है क्योंकि ऐसी जलवायु विश्व में कहीं नहीं मिलती। इसको हम इस तरह समझ सकते हैं, जैसे असम में भारी वर्षा होती है, क्‍योंकि वहां की जलवायु आर्द्र है। वहीं राजस्थान में कम वर्षा होने का कारण यहां की जलवायु शुष्क होना है। पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलों में जहां ग्रीष्मकाल में दिन का तापमान 50° सेल्सियस तक पहुंच जाता है वहीं शीत ऋतु में जम्मू-कश्मीर में स्थित द्रास एवं कारगिल में तापमान शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है। ...

कोरोना से राहत: बीते 24 घंटे में मिले 10302 नए मरीज, 267 की मौत, 531 दिन बाद सबसे कम सक्रिय मामले

  देश में अब लोगों को कोरोना से राहत मिलने लगी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार के आंकड़े के अनुसार सक्रिय मरीजों की संख्या 531 दिनों बाद सबसे कम आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 10,302 नए मामले सामने आए हैं। वहीं इस दौरान 267 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा 11,787  लोग स्वस्थ भी हुए।  स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अब कुल 1,24,868 सक्रिय मरीज बचे हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़े के अनुसार बीते 24 घंटे में 11, 106 मामले सामने आए थे। वहीं सक्रिय मामले घटकर 1,26,620 हो गए थे। देश में कोरोना से रिकवरी दर की बात करें तो यह 98.29 फीसदी दर्ज की गई जो कि पिछले साल मार्च के बाद से सबसे अधिक है। देश में अब तक कुल 4,65,349 मौतें  देश में अब तक कुल 4,65,349 मौतें हुई हैं, जिनमें महाराष्ट्र से 1,40,707, कर्नाटक में 38,169, केरल में 37,051, तमिलनाडु में 36,349, दिल्ली में 25,095, उत्तर प्रदेश में 22,909 और पश्चिम बंगाल में 19,364 मौतें हुई हैं।

रूस ने पाकिस्तान से ड्यूएल यूज मैटेरियल ''हैंड फुट कन्टेमिनेशन मॉनिटर'' बेचने का करार रद्द कर दिया है।

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 रूस को धोखे में रखकर तबाही का सामान खरीदने की पाकिस्तान की साजिश को बहुत बड़ा झटका लगा है और रूस ने पाकिस्तानी कंपनी के साथ करार को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही पाकिस्तान किस तरह से अंधेरे में रखकर रूस को धोखा दे रहा था, इसका भी खुलासा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ने पाकिस्तानी कंपनियों को ''हैंड फुट कन्टेमिनेशन'' निर्यात करने से इनकार कर दिया है, जिसे तबाही का सामान कहा जाता है पाकिस्तान से करार रद्द   रूस ने पाकिस्तान से ड्यूएल यूज मैटेरियल ''हैंड फुट कन्टेमिनेशन मॉनिटर'' बेचने का करार रद्द कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस खरीद के लिए रूस और पाकिस्तान की निजी कंपनियों के बीच करार हुआ था, लेकिन जैसे ही रूस को पता चला, कि पाकिस्तान इस मैटेरियल का इस्तेमाल परमाणु संयंत्र में बम बनाने के लिए करने वाला है, ठीक वैसे ही रूसी कंपनी ने पाकिस्तान के साथ करार रद्द कर दिया है। रूसी कंपनी की तरफ से बताया गया है कि, पाकिस्तान कंपनी ने झूठ बोलकर और गलत जानकारियों के साथ ये करार किया था, जबकि पाकिस्तान का मकसद उस मैटेरियल का इस्तेमाल परमाणु संयंत्र के लिए करन...

प्लास्टिक प्रदूषण हमारे पर्यावरण को काफी तेजी से नुकसान पहुंचा रहा है।

  प्लास्टिक प्रदूषण हमारे पर्यावरण को काफी तेजी से नुकसान पहुंचा रहा है। प्लास्टिक पदार्थो से उत्पन्न कचरे का निस्तारण काफी कठिन होता है और पृथ्वी पर प्रदूषण में भी इसका काफी अहम योगदान है, जिससे यह एक वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। प्लास्टिक बैगों, बर्तनो और फर्नीचर के बढ़ते इस्तेमाल के वजह से प्लास्टिक के कचरे में काफी वृद्धि हुई है, जिससे प्लास्टिक प्रदूषण जैसी भीषण समस्या उत्पन्न हो गयी है। यह वह समय है जब हमे इस समस्या पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए, इसके समाधान के लिये प्रयास शुरु करने होंगे। प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के कुछ अन्य आसान उपाय यहा प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के कुछ अन्य उपाय आसान बताये गये, जिनको अपनाकर प्लास्टिक प्रदूषण को कम करके वातावरण को स्वच्छ रखा जा सकता है। प्लास्टिक बैगों का उपयोग ना करके पलास्टिक बैग टूटकर छोटे-छोटे टुकड़ो में विभक्त होकर पानी के स्रोतों में मिल जाता है जिससे यह मिट्टी में मिलकर पेड़-पौधो की वृद्धि पर भी नकरात्मक प्रभाव डालता है। इसके साथ ही यह जलीय जीवन पर भी हानिकारक प्रभाव डालता है। ज्यादेतर यह बैग किराने का सामान लाने के लिए ...

580 साल बाद होगा ऐसा अनूठा चंद्र ग्रहण,जाने ग्रहण का समय..

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   चंद्र ग्रहण 2021 : चंद्र ग्रहण-सूर्य ग्रहण बेहद ही अहम खगोलीय घटनाएं होती हैं और यह ज्‍योतिष के लिहाज से भी बेहद महत्‍वपूर्ण होते हैं. इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आज है,साल का यह तीसरा ग्रहण और दूसरा चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) बेहद ही खास होने वाला है। वैसे तो यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत में केवल असम और अरुणाचल प्रदेश में ही नजर आएगा. इससे पहले इतना लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण 1440 में लगा हुआ था, वहीं आज यानि 19 नवंबर 2021 के बाद अब 8 फरवरी 2669 में इतना लंबा चंद्र ग्रहण होगा. यानी कि 648 साल बाद ऐसा ग्रहण होगा. चंद्र ग्रहण की अवधि ज्‍यादा होने के बाद लोग ज्‍यादा देर तक इस अद्भुत खगोलीय घटना का अनुभव ले सकेंगे। इतना लंबा चंद्र ग्रहण होने के पीछे खगोलविदों का मानना है कि धरती से चंद्रमा की दूरी ज्‍यादा होने के कारण आज (19 नवंबर) लगने वाले चंद्र ग्रहण की अवधि ज्‍यादा रहेगी होगी. धरती और चंद्रमा के बीच की दूरी कम रहती है तो चंद्र ग्रहण की अवधि भी कम होती. भारत में यह चंद्र ग्रहण दोपहर को 12:48 बजे से 04:17 मिनट तक होगा.

गुरु नानक जयंती

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  प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष कि पूर्णिमा तिथि को सिख धर्म के प्रथम गुरु गुरुनानक देव की जयंती मनाई जाती है। गुरु नानक देव जी का जन्म कार्तिक पूर्णिमा को श्री ननकाना साहिब में हुआ था। गुरु पर्व पर सभी गुरुद्वारों में भजन, कीर्तन होता है और प्रभात फ़ेरियां भी निकाली जाती हैं। इस बार गुरुनानक जयंती आज यानी 19 नवंबर को मनाई जाएगी। गुरुनानक जयंती को हम कई अन्य नाम से भी जानते हैं। जैसे इस पर्व को हम प्रकाश पर्व, गुरु पर्व, गुरु पूरब भी कहते हैं। आइए जानते हैं कौन थे गुरुनानक देव और कैसे मनाई जाती है इनकी जयंती। कार्तिक पूर्णिमा को जन्में गुरु नानक देव सर्वधर्म सद्भाव की प्रेरक मिसाल माने जाते हैं। उनका व्यक्तित्व दार्शनिक, योगी, गृहस्थ, धर्म-सुधारक, समाज सुधारक, देशभक्त जैसे सभी गुणों को समेटे हुआ है। गुरु नानक देव जी ने समाज में फैले अंधविश्वास, घृणा, भेदभाव को दूर करने के लिए सिख संप्रदाय की नींव रखी। उन्होंने समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ाने के लिए लंगर परंपरा की शुरुआत की थी। इसमें सभी जाति और संप्रदाय के लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं। गुरु नानक देव जी ने ‘निर्ग...

तीनों कृषि कानून वापस

  सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर लंबे समय से विरोध चल रहा है. ऐसे में  पीएम नरेंद्र मोदी ने आज देश के नाम संदेश में साफ कर दिया है कि केंद्र इन तीनों कानूनों को वापस ले रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि हम किसानों को समझा नहीं सके इसलिए इन कानूनों को वापस ले रहे हैं. उन्होंने आगे कहा- हमारी सरकार, किसानों के कल्याण के लिए, खासकर छोटे किसानों के कल्याण के लिए, देश के कृषि जगत के हित में, देश के हित में, गांव गरीब के उज्जवल भविष्य के लिए, पूरी सत्य निष्ठा से, किसानों के प्रति समर्पण भाव से, नेक नीयत से ये कानून लेकर आई थी.

सीमा विवाद: भारत-चीन के बीच इस बात पर बनी सहमति, जल्द होगी बैठक

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  भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में संघर्ष के अन्य क्षेत्रों से सैनिकों को पूरी तरह से पीछे हटाने के लिए जल्द ही अगले दौर की सैन्य स्तर की वार्ता आयोजित करने पर सहमति जताई है. विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, सीमा मामलों पर विचार विमर्श और डब्ल्यूएमसीसी की डिजिटल तरीके से आयोजित बैठक में दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर स्थिति के संबंध में ‘स्पष्ट और गहराई’ के साथ चर्चा की और पिछले सैन्य स्तर की वार्ता के बाद के घटनाक्रम की समीक्षा की. विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, ‘इस बात पर सहमति बनी कि मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुरूप पश्चिमी सेक्टर में एलएसी पर संघर्ष के सभी क्षेत्रों से पूरी तरह से पीछे हटने के उद्देश्य को हासिल करने के लिए जल्द ही किसी तारीख पर वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की अगले दौर (14वें) की बैठक आयोजित की जायेगी.’ गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख क्षेत्र को आधिकारिक  रूप में संबोधित किया जाता है।

सरकार तक पहुंचाएंगे कर्मचारियों के मन की बात : विधायक प्रतिनिधि एवं प्रदेश प्रवक्ता भाजयुमो देवाशीष नेगी

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  उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन की जनपद अल्मोड़ा के अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि एवं प्रदेश प्रवक्ता भाजयुमो देवाशीष नेगी ने कर्मचारियों को उनकी मांगों के संबंध में आश्वासन देते हुए कहा की हर हाल में कर्मचारियों की बात को शासन एवं सरकार तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा इस अवसर पर बतौर विशिष्ट अतिथि एवं नगर पालिका परिषद अल्मोड़ा के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने भी कर्मचारियों को या विश्वास दिलाया कि उनके कार्यक्षेत्र के आधार पर कर्मचारियों के लिए हर संभव सहायता की जाएगी। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन के अल्मोड़ा जनपद के अधिवेशन का आयोजन एकता भवन में किया गया था।

उत्तराखंड: योगी आदित्यनाथ से मुख्यमंत्री धामी की मुलाकात, सुलझा सालों से चला आ रहा परिसंपत्ति विवाद

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  उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के बीच सालों से चला आ रहा परिसंपत्ती विवाद सुलझ गया है। लखनऊ के दो दिवसीय दौरे पर गए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुरुवार को शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। वार्ता के दौरान परिसंपत्ति विवाद पर सहमति बन गई। इतना ही नहीं दोनों सरकारों के बीच सभी विवादों पर भी सहमति बनी। 20 हजार करोड़ की परिसंपत्तियों का विवाद सुलझा जिसके तहत वन विभाग, सिंचाई विभाग और परिवहन विभाग सहित विभिन्न विभागों की 20 हजार करोड़ की परिसंपत्तियों का विवाद सुलझा लिया गया। वार्ता के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि 15 दिनों में सभी लम्बित मामलों का निस्तारण हो जाएगा। सीएम योगी ने बहुत शांति से सभी बात सुनी हैं। बैठक में सभी मुद्दों पर सहमति बनी है। जो मुद्दे बचे हैं वह भी जल्द सुलझा लिए जाएंगे। उत्तर प्रदेश बड़ा भाई है। हमारा मातृ प्रदेश उत्तर प्रदेश है। दोनों भाइयों में जो बंटवारे में होता है वह हो जाएगा। कहा कि मैं आभारी हूं कि सीएम योगी ने बड़ा दिल दिखा...